तितलियाँ यूँँ ही नहीं बैठ रही हैं तुम पर बारहा तुम को भी फूलों में गिना जाता है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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यहाँ से बाज़ चीज़ों को हटा दो नज़र पड़ने पे याद आती है उस की
Nasir khan 'Nasir'
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और कुछ देर ठहर दिन का निकलना तय है वक़्त बदलेगा मेरी जान, बदलना तय है
Nasir khan 'Nasir'
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बदलना वक़्त ने सीखा है तुम सेे घड़ी से पहले की ईजाद हो तुम
Nasir khan 'Nasir'
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उस की यादों कि तंगदस्ती में अब ग़ज़ल रोज़गार है अपना
Nasir khan 'Nasir'
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ये हक़ीक़त-पसंद लोग भी ना ख़्वाब देखो तो मार देते हैं
Nasir khan 'Nasir'
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