तू इक जनाज़ा उठाने में इतना टूट गया नज़र उठा के ज़रा देख कर्बला की तरफ़
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देख ले आ के कभी चैन से सोने वाले कैसे बेचैन फिरे हैं तुझे खोने वाले
Saif Dehlvi
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यक़ीन मान जो दिन तेरे साथ गुज़रे थे उन्हीं दिनों को मैं इस ज़िन्दगी में गिनता हूँ
Saif Dehlvi
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मैं तन्हा सर-ए-राह खड़ा सोच रहा हूँ तन्हाई मिटाने के लिए जाऊँ कहाँ पर वो बे-वफ़ा तो लौट के आने से रहा अब तू ही बता ऐ दिल तुझे बहलाऊँ कहाँ पर
Saif Dehlvi
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तुम ही नहीं उदास हो कुल काइनात में सब के दिलों में कोई न कोई मलाल है
Saif Dehlvi
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ये और बात बताओ न तुम हमें लेकिन किसी के ख़्वाब तो आँखों में पल रहे होंगे
Saif Dehlvi
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