तू इस मेरे दिल के बहुत पास क्यूँ है न जाने तू मेरे लिए ख़ास क्यूँ है
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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ज़रा याद कर ले तू मुझ को ऐ दिलबर बहुत प्यार दूँगा मैं तुझ को ऐ दिलबर
Danish Balliavi
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ज़रा तू ध्यान दे मैं तेरी कितनी फ़िक्र करता हूँ दु'आओं में ख़ुदा से मैं तेरा ही ज़िक्र करता हूँ
Danish Balliavi
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हम ग़रीबों का रहनुमा है इश्क़ हम मरीज़ों की इक दवा है इश्क़ इश्क़ को वो समझ न पाएगा जो ये कहता है मसअला है इश्क़
Danish Balliavi
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वो हम से दूर होते जा रहे हैं क्यूँ नशे में चूर होते जा रहे हैं क्यूँ
Danish Balliavi
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सोचते हो किस तरह दुनिया कहे मज़बूत शख़्स सोचने से यार वैसा तुम नहीं हो पाओगे मन की बातें करने वाले है हक़ीक़त अब यही इंदिरा गाँधी के जैसा तुम नहीं हो पाओगे
Danish Balliavi
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