तुम मेरे दिल में और मैं बस तुम में गुम अक्सर छत पर साथ टहलते हैं हम तुम
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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दर्द में जान जा रही होगी आँसुओं में नहा रही होगी हो के मजबूर इस ज़माने से वो मेरे ख़त जला रही होगी
Yogendra Singh Raghuwanshi
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तुझ सेे रिश्ता क़ायम रखने को जानाँ जाने कितनी बार गिराया है ख़ुद को
Yogendra Singh Raghuwanshi
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उन की आँखें में बेईमानी है उन के लहज़े में बद-गुमानी है अब मोहब्बत कहाँ है रिश्ते में उन की बातों में मेहरबानी है
Yogendra Singh Raghuwanshi
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होंठों पर इक बात छुपाकर रक्खी है प्रिया नेह बरसात छुपाकर रक्खी है जिस रैना में स्वप्न मिलन के देखे थे वो काजल सी रात छुपाकर रक्खी है
Yogendra Singh Raghuwanshi
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तेरे पैरों पे रंग मेंहदी का मेरे बोसों का नक़्श लगता है
Yogendra Singh Raghuwanshi
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