sherKuch Alfaaz

तुम नहीं उतरोगी मैं उतरूँगा गहराई में पगड़ी बड़ी होती है दुपट्टे से लंबाई में

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी

Ankita Singh

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

Jaun Elia

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न सिर्फ़ ये कि जहन्नुम ख़िताब में भी नहीं अली के मानने वालों के ख़्वाब में भी नहीं

Muzdum Khan

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न कोई बीन बजाई न टोकरी खोली बस एक फोन मिलाने पे साँप बैठा है कोई भी लड़की अकेली नज़र नहीं आती यहाँ हर एक ख़जाने पे साँप बैठा है

Muzdum Khan

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हम दो बंदे हैं और सिगरेट एक अब ख़बर होगी दोस्ती की दोस्त

Muzdum Khan

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चले जाओ मगर इतनी मदद करते हुए जाओ मैं तन्हा मर न जाऊँ दो अदद करते हुए जाओ चराग़ों की जलन से ख़त्म हो जाती है तारीक़ी हसद करते हुए आओ हसद करते हुए जाओ

Muzdum Khan

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बस एक मैं था जिस सेे सच मुच में दिलबरी की वरना हर आदमी से उस ने दो नंबरी की जिस बात में भी हम ने ख़ुद को अकेला रक्खा बाग़ात में भी हम ने जोड़ों की मुख़बरी की

Muzdum Khan

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