उस की पाकीज़ा जवानी पर्दे की पाबंद होगी किस ने सोचा था कि मंदिर में कभी ताले लगेंगे
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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आजिज़ हूँ ऐ ख़ुदा ज़बाँ के इख़्तिलाफ़ से क़ुरआन भी है काफ़ से काफ़िर भी काफ़ से
Raj
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वो सब सेे पहला लकड़हारा कौन होगा गर शजर को काट के कुल्हाड़ियाँ बनाते हैं
Raj
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सबने उस के चू में को चूमा है लेकिन आख़िर वाले शख़्स ने थोड़े को चूमा है उस ने महफ़िल में जिस बच्चे को चूमा था सबने महफ़िल में उस बच्चे को चूमा है
Raj
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वो दिल की बातें जब दिल में रखती थी मैं दिल से करता था तब दिल की बातें मैं महफ़िल में करता हूँ उस की ही बात वो मुझ सेे करती है महफ़िल की बातें
Raj
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ग़म की चिंगारियों को हवा दीजिए दीजिए दीजिए बद-दुआ दीजिए
Raj
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