वस्त ये जो दूरी है इस को अब कम करते हैं चलिए मैं और आप मिलाकर अब हम करते हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ये क़ल्ब कहाँ रह पाता है तब काबू में जब बैठा करती है वो मेरे बाज़ू में
Sandeep dabral 'sendy'
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यार मुकम्मल हो न सका अफ़साना जिन का भी उन को बात मुहब्बत की बे-मतलब लगती है
Sandeep dabral 'sendy'
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ये मानो न मानो यहाँ अपना कल सुन रहा है ये पढ़ने की इस उम्र में जो ग़ज़ल सुन रहा है
Sandeep dabral 'sendy'
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सुना है जो उसे देखे उसी के सिम्त हो जाए मियाँ कर के ये गुस्ताख़ी उसे अब हम भी देखेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
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सुकून-ए-दिल नहीं मिलता विसाल-ए-यार में हर बार मियाँ इक रोज़ वो हम सेे मिली थी फिर न मिलने हेतु
Sandeep dabral 'sendy'
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