याँ दानाई के सब दरवाज़े भी खुलते हैं याँ सब को इक जैसा ही नश्शा भी होता है
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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वो अर्से के बा'द फिर मिले मुझ को यूँँ सफ़्हे में गुलाब जैसे पाया जाए
Hrishita Singh
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ये उलझनें मुझे ही खा रही हैं अब ख़ुद को ही सताए फिर रहे हैं
Hrishita Singh
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उस का ग़म मुझ पर तारी है अब तक हस्ती ये जारी है आमद हो जानी है उस की जिस के आने तैयारी है
Hrishita Singh
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हम उस का ग़म छुपाए फिर रहे हैं जिस से ये दिल लगाए फिर रहे हैं
Hrishita Singh
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देवता हो न जाए यहाँ हम भी फिर इस दफ़ा हम ने पत्थर को भी दिल किया
Hrishita Singh
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