sherKuch Alfaaz

yaadon ki bauchhaaron se jab palken bhigne lagti hain sondhi sondhi lagti hai tab mazi ki ruswai bhi

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

Tehzeeb Hafi

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

Jawwad Sheikh

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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है

Shakeel Azmi

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दर्द ऐसा नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते बात तो तब थी कि तू छोड़ के जाता ही नहीं अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते

Ismail Raaz

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पलक का बाल गिरे कब मैं कब तुझे माँगूँ मैं कशमकश में ये पलकें न नोच लूँ अपनी

Vishnu virat

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