sherKuch Alfaaz

यहाँ तो वक़्त पे रिश्ता निभाता तो नहीं है अब ज़िया की बात हो फिर भी बताता तो नहीं है अब

More from Raunak Karn

ज़मीं भी सूख जाती है हमारे ही दिलों की यूँँ हमें देखे तरस तो फिर तरस को भी तरस आए

Raunak Karn

0 likes

ज़माना देख लेगा कौन हैं हम वक़्त आने पर अभी ख़ुद को जलाऍंगे अभी ख़ुद को तपाऍंगे अभी तो जा रहे हैं डूब कर के मात खाने को मगर इक रोज़ रौनक़ बनके हम भी लौट आऍंगे

Raunak Karn

0 likes

नहीं कहते किसी से भी अभी तकलीफ़ हम अपनी हमें मालूम है सुन कर सभी ठट्ठा उड़ाऍंगे

Raunak Karn

0 likes

ज़ख़्म तो क़ीमती नेमत है तू ये माना कर ज़ख़्म सीने से लगाएगा तो छा जाएगा जब नहीं करता है कुछ तो है तू इतना आला ख़ुद को पागल जो बनाएगा तो छा जाएगा

Raunak Karn

0 likes

यहाँ बिसयार मेरे यार बैठे हैं सही बोला यहाँ दिलदार बैठे हैं हमें सिगरेट आता है जलाना अब गया है लग पता कर प्यार बैठे हैं

Raunak Karn

1 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Raunak Karn.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Raunak Karn's sher.