यही है आरज़ू अब तो कि इस चलती कहानी में मिरा किरदार मर जाए कहानी ख़त्म हो जाए
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
More from Mohit Subran
तुम्हें तो यार मुयस्सर है बस ख़ुशी ही ख़ुशी तुम्हारा क्या जिसे चाहो उसे उदास करो
Mohit Subran
0 likes
तमाम ग़म से अलम से दुखों से गुज़रा है हर एक शख़्स यहाँ हादसों से गुज़रा है
Mohit Subran
0 likes
तमाम ज़िन्दगी ये बात मैं न भूलूँगा किसी ने याद न रक्खा ये याद रक्खूँगा
Mohit Subran
0 likes
सुनता है भला कौन यहाँ दर्द किसी का मैं ख़ुश था चलो मेरी परेशानी को पूछा उस वक़्त इन आँखों में मिरी पानी भर आया जब शहर में मुझ से किसी ने पानी को पूछा
Mohit Subran
0 likes
साथ में रह कर तिरे क्या ख़ूब गुज़रा वक़्त दोस्त याद जब भी करता हूँ सब ज़ख़्म खुल खुल जाते हैं
Mohit Subran
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Mohit Subran.
Similar Moods
More moods that pair well with Mohit Subran's sher.







