ये बंदगी के नताइज नहीं जो ख़ुश हैं हम वो चाहता ही नहीं था कि मुश्किलें आएँ
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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रो रो के कह रही है धनक धिन धनक धनक इक साज़ तेरे लम्स से जो आश्ना नहीं
Abdulla Asif
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क़ीमत मुकर्रर है तिरी हम तो मुनासिब दाम हैं
Abdulla Asif
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इक मसीहा जन्म लेने जा रहा है मरयमों के हाथ काटे जा रहे हैं
Abdulla Asif
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कहाँ पे मुस्कुराना है कहाँ पे अश्क लाने हैं हमारे हाथ से ये भी सहूलत जा रही है क्या ये ख़ुशियाँ कर रही हैं घर मेरे दिल में मिरे अंदर उदासी से मुहब्बत और निसबत जा रही है क्या
Abdulla Asif
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अफ़लाक से आगे न निकल जाएँ तसव्वुर महदूद ज़मीं तक ही ख़यालों को रखें आप
Abdulla Asif
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