ye bazm-e-mai hai yan kotah-dasti mein hai mahrumi jo badh kar khud utha le hath mein mina usi ka hai
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ख़मोशी से मुसीबत और भी संगीन होती है तड़प ऐ दिल तड़पने से ज़रा तस्कीन होती है
Shad Azimabadi
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ढूँडोगे अगर मुल्कों मुल्कों मिलने के नहीं नायाब हैं हम जो याद न आए भूल के फिर ऐ हम-नफ़सो वो ख़्वाब हैं हम
Shad Azimabadi
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तमन्नाओं में उलझाया गया हूँ खिलौने दे के बहलाया गया हूँ दिल-ए-मुज़्तर से पूछ ऐ रौनक़-ए-बज़्म मैं ख़ुद आया नहीं लाया गया हूँ
Shad Azimabadi
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जैसे मेरी निगाह ने देखा न हो कभी महसूस ये हुआ तुझे हर बार देख कर
Shad Azimabadi
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