ye kaenat mere samne hai misl-e-bisat kahin junun mein ulat dun na is jahan ko main
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ये काएनात मेरे सामने है मिस्ल-ए-बिसात कहीं जुनूँ में उलट दूँ न इस जहान को मैं
Akhtar Usman
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ये सोचना कि वो मुड़ मुड़ के देखती होगी और उस के बा'द ख़ुद अपने ख़याल पर हँसना
Akhtar Usman
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शाम आए और घर के लिए दिल मचल उठे शाम आए और दिल के लिए कोई घर न हो
Akhtar Usman
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मुद्दत में बहार आई है सो लोग भी ख़ुश हैं मैं ख़ुश हूँ अगर शहर में दो लोग भी ख़ुश हैं अपना तो ये आलम है कि ढलती ही नहीं शाम अल्लाह करें ख़ुश रहें जो लोग भी ख़ुश हैं
Akhtar Usman
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चेहरे पे साए में भी ख़राशें दिखाई दें आईना-ए-हयात पे इतनी नज़र न हो
Akhtar Usman
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