ये कैसी कश्मकश है कैसे किसे बताएँ रोना भी आ रहा है रो भी न पा रहा हूँ
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अब उस की शादी का क़िस्सा न छेड़ो बस इतना कह दो कैसी लग रही थी
Zubair Ali Tabish
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वरना तो बेवफ़ाई किसे कब मुआ'फ़ है तू मेरी जान है सो तुझे सब मुआ'फ़ है
Vikram Gaur Vairagi
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नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान
Nida Fazli
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कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया
Sahir Ludhianvi
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मोहब्बत से मोहब्बत मिल गई जैसे कि सहरा में कली इक खिल गई जैसे न जाने कैसे तुम बिन जी रहा था मैं समझ लो हर घड़ी मुश्किल गई जैसे
Krishnakant Kabk
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उस पे हम चीख़ ही नहीं सकते उस की चुप्पी कमाल करती है!
Atul K Rai
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इक दफ़ा बस इक दफ़ा उस को हमारे साथ कर छत पे फिर से बैठ कर तारे गिनेंगे रात कर खेल कोई हो विजयश्री प्रेम के हिस्से में लिख जितने धोखेबाज़ हैं हिस्से में उन के मात कर
Atul K Rai
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ज़िन्दाबाद करो उस आशिक़ का जो ज़ंजीरों में भी हँस कर बोल रहा पायल की छम छम ज़िन्दाबाद रहे
Atul K Rai
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उस के पास दवा है हर बीमारी की वो चाहे तो इक पल में चंगा कर दे कलियुग को भी एक कन्हैया चहिए जो नंगा करने वालों को नंगा कर दे
Atul K Rai
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उस की आँखों में इतनी गहराई थी पानी होता तो हम डूब गए होते
Atul K Rai
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