yun barasti hain tasawwur mein purani yaaden jaise barsat ki rim-jhim mein saman hota hai
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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वो मेहरबाँ है तो इक़रार क्यूँँ नहीं करता वो बद-गुमाँ है तो सौ बार आज़माए मुझे
Qateel Shifai
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तेज़ धूप में आई ऐसी लहर सर्दी की मोम का हर इक पुतला बच गया पिघलने से
Qateel Shifai
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मेरे ब'अद वफ़ा का धोका और किसी से मत करना गाली देगी दुनिया तुझ को सर मेरा झुक जाएगा
Qateel Shifai
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सितम तो ये है कि वो भी न बन सका अपना क़ुबूल हम ने किए जिस के ग़म ख़ुशी की तरह कभी न सोचा था हम ने 'क़तील' उस के लिए करेगा हम पे सितम वो भी हर किसी की तरह
Qateel Shifai
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खुला है झूठ का बाज़ार आओ सच बोलें न हो बला से ख़रीदार आओ सच बोलें
Qateel Shifai
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