zulm sahna bhi to zalim ki himayat thahra khamushi bhi to hui pusht-panahi ki tarah
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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कल रात जो ईंधन के लिए कट के गिरा है चिड़ियों को बहुत प्यार था उस बूढे शजर से
Parveen Shakir
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दुख तो ऐसा है कि दिल आँख से कट कट के बहे एक वा'दा है कि रोने नहीं देता मुझ को
Parveen Shakir
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आधी रात की चुप में किस की चाप उभरती है छत पे कौन आता है सीढ़ियाँ नहीं खुलतीं
Parveen Shakir
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तेरा घर और मेरा जंगल भीगता है साथ साथ ऐसी बरसातें कि बादल भीगता है साथ साथ
Parveen Shakir
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अपनी रुस्वाई तिरे नाम का चर्चा देखूँ इक ज़रा शे'र कहूँ और मैं क्या क्या देखूँ
Parveen Shakir
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