आज एक बाग़बाँ उदास बैठ रो रहा उस का फूल भी कोई अमीर-ज़ादा ले गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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उस को भी कोई छोटा-मोटा रहज़न घोषित करवा दो मालूम नहीं है कितनों को मुस्कान से लूटा है अपनी
Sandeep dabral 'sendy'
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उस के झुमके औ बाली फिर से नाराज़ न हो जाएँ नज़र हटाई हम ने ठोड़ी के तिल से धीरे धीरे
Sandeep dabral 'sendy'
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उस का बोसा पाकर झुमके याँ हर-दम क्यूँ इठलाते हैं बोसा पाकर सोचा हम ने इतना कम क्यूँ इठलाते हैं
Sandeep dabral 'sendy'
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सपनों पे जिस के पड़ गई भारी कमी इक इंच की बस वो ही लड़का जानता निर्णीत पैमानों का दुख
Sandeep dabral 'sendy'
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सपनों में नइँ, सपनों के पीछे, खो कर सपने पूरे होते हैं
Sandeep dabral 'sendy'
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