आजकल लोग चंद पैसों में अपना ईमान बेच देते हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
Shajar Abbas
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ज़ुल्म की मिल के क़मर ऐसे करेंगे ख़म सब दूर हो जाएँगे ये अपने वतन से ग़म सब ख़्वाब अज्दाद ने जो देखा है इक दिन उस की देखना ख़ून से ता'बीर लिखेंगे हम सब
Shajar Abbas
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ये फ़ुर्क़त रंज ग़म रुसवाई हिजरत हिज्र तन्हाई हैं हम पर ये सभी दौलत मगर ये जी नहीं लगता
Shajar Abbas
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ये दौलत इश्क़ चाहत और फ़ुर्क़त हैं सब शामिल शजर बर्बादियों में
Shajar Abbas
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ये अब से पहले हमेशा तमाशबीन लगी हयात मौत की आग़ोश में हसीन लगी
Shajar Abbas
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