आज के इस दौर में अस्मत बचाना भी जटिल है ये सदन वाले सभी कुर्सी बचाने में लगे हैं
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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वस्ल का दिन अभी पूछ लो तुम हिज्र में रात काटी गई है
Ganesh gorakhpuri
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हटाया जा चुका था हुस्न से पर्दा किसी के लिए निगाहें फेर ली जाती किसी के अब गुजरने से
Ganesh gorakhpuri
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उछालेंगे सभी क़िस्से मिरे तौहीन भी होगी अगर तुम को यक़ीं है तो ज़माने से नहीं डरना
Ganesh gorakhpuri
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होंठ है ख़ामोश फिर भी बोलती हैं ये निगाहें आज के इस दौर में भी सादगी क्या ख़ूब लगती
Ganesh gorakhpuri
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मैं ने सुना है आज इक अच्छी ख़बर ए ज़िंदगी शादी में जाना है किसी के फिर बधाई के लिए
Ganesh gorakhpuri
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