sherKuch Alfaaz

आँसू ज़िल्लत तोहमत वो सेत ख़ल्वत लाचारी या'नी इश्क़ के इक दो तीर नुकीले बाक़ी ठीक

Related Sher

मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

Tehzeeb Hafi

388 likes

मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी

Ismail Raaz

140 likes

उन्हें आँखों ने बे-दर्दी से बे-घर कर दिया है ये आँसू क़हक़हा बनने की कोशिश कर रहे थे

Abbas Qamar

34 likes

सीधा-साधा डाकिया जादू करे महान एक ही थैले में भरे आँसू और मुस्कान

Nida Fazli

48 likes

वक़्त, वफ़ा, हक़, आँसू, शिकवे जाने क्या क्या माँग रहे थे एक सहूलत के रिश्ते से हम ही ज़्यादा माँग रहे थे उस की आँखें उस की बातें उस के लब वो चेहरा उस का हम उस की हर एक अदास अपना हिस्सा माँग रहे थे

Shikha Pachouly

39 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on A R Sahil "Aleeg".

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with A R Sahil "Aleeg"'s sher.