sherKuch Alfaaz

अगर हो नींद में वो जब तो परियाँ मुस्कुराती हैं उठे तो फिर चमन खिलता है कलियाँ मुस्कुराती है निकल जाए जहाँ से वो बिखर जाती है ख़ुशबू सी चले नन्हें से क़दमों से तो गलियाँ मुस्कुराती हैं

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उस ने मेरी आँखों पर चुपके से आ कर हाथ रखे इक चुम्बन होंठों पर ले कर यूँँ सारे जज़्बात रखे देख तुम्हें बस मेरे मन से एक दुआ ये उठती है मालिक इस जीवन भर मुझ को यार तुम्हारे साथ रखे

Prashant Arahat

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चॉकलेट खाकर समझ आया मुझे ये देर में स्वाद अच्छा है तिरे होंठों से अच्छा कुछ नहीं

Prashant Arahat

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विसाले यार होती है यहाँ हर रोज़ ख़्वाबों में तभी मिलने की अब तुम सेे कोई ख़्वाहिश नहीं होती

Prashant Arahat

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लड़की एक मिली है मुझ को देख जिसे सब लोग कहें जिस के पीछे तुम पागल थे उस सेे दुगुनी अच्छी है

Prashant Arahat

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नहीं कोई अगर तो हम मिलेंगे ज़रूरत में तुम्हें हरदम मिलेंगे मिलेंगे सैकड़ों ही लोग लेकिन मगर मेरी तरह के कम मिलेंगे

Prashant Arahat

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