विसाले यार होती है यहाँ हर रोज़ ख़्वाबों में तभी मिलने की अब तुम सेे कोई ख़्वाहिश नहीं होती
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जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है
Rahat Indori
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न जाने क्यूँँ गले से लगने की हिम्मत नहीं होती न जाने क्यूँँ पिता के सामने बेटे नहीं खुलते
Kushal Dauneria
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उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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अपने दिल में बसाओगे हम को और गले से लगाओगे हम को हम नहीं इतने प्यार के क़ाबिल तुम तो पागल बनाओगे हम को
Abrar Kashif
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उस ने मेरी आँखों पर चुपके से आ कर हाथ रखे इक चुम्बन होंठों पर ले कर यूँँ सारे जज़्बात रखे देख तुम्हें बस मेरे मन से एक दुआ ये उठती है मालिक इस जीवन भर मुझ को यार तुम्हारे साथ रखे
Prashant Arahat
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नहीं कोई अगर तो हम मिलेंगे ज़रूरत में तुम्हें हरदम मिलेंगे मिलेंगे सैकड़ों ही लोग लेकिन मगर मेरी तरह के कम मिलेंगे
Prashant Arahat
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सितम ये है हमें वो आज आवारा समझते हैं जिन्हें हम आज भी सच में बहुत प्यारा समझते हैं हमारे दिल के सागर में कभी तुम डूबकर देखो इसे तो बे–वजह ही लोग बस ख़ारा समझते हैं
Prashant Arahat
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पिता बचपन में मिट्टी के खिलौने ला के देते थे उन्हें मालूम था आगे सबक़ ये काम आएगा
Prashant Arahat
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रास्ते सब के सभी उस ओर ही जा कर मिले हैं ज़िंदगी ये जिस तरफ़ ले कर के जाना चाहती है
Prashant Arahat
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