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सितम ये है हमें वो आज आवारा समझते हैं जिन्हें हम आज भी सच में बहुत प्यारा समझते हैं हमारे दिल के सागर में कभी तुम डूबकर देखो इसे तो बे–वजह ही लोग बस ख़ारा समझते हैं

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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

Tehzeeb Hafi

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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा

Bashir Badr

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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है

Shabeena Adeeb

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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं

Rahat Indori

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नहीं कोई अगर तो हम मिलेंगे ज़रूरत में तुम्हें हरदम मिलेंगे मिलेंगे सैकड़ों ही लोग लेकिन मगर मेरी तरह के कम मिलेंगे

Prashant Arahat

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पिता बचपन में मिट्टी के खिलौने ला के देते थे उन्हें मालूम था आगे सबक़ ये काम आएगा

Prashant Arahat

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उस ने मेरी आँखों पर चुपके से आ कर हाथ रखे इक चुम्बन होंठों पर ले कर यूँँ सारे जज़्बात रखे देख तुम्हें बस मेरे मन से एक दुआ ये उठती है मालिक इस जीवन भर मुझ को यार तुम्हारे साथ रखे

Prashant Arahat

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लड़की एक मिली है मुझ को देख जिसे सब लोग कहें जिस के पीछे तुम पागल थे उस सेे दुगुनी अच्छी है

Prashant Arahat

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रास्ते सब के सभी उस ओर ही जा कर मिले हैं ज़िंदगी ये जिस तरफ़ ले कर के जाना चाहती है

Prashant Arahat

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