बुलाया शाम को लेकिन वहाँ मैं सुब्ह जा बैठा सुना था देर से आना उसे अच्छा नहीं लगता
Related Sher
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
125 likes
तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
Unknown
114 likes
निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी
Fahmi Badayuni
123 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
More from Krishnakant Kabk
मशीनेें दुनिया-भर की भी लगा दो चाहे तुम उस के दिल का रस्ता नईं बना पाओगे
Krishnakant Kabk
4 likes
कैसे हम को अलग करोगे हम इक दूजे के मानी हैं
Krishnakant Kabk
4 likes
सब को ही है तकलीफ़ किसी ना किसी से तो तकलीफ़ को बिल्कुल नहीं तकलीफ़ किसी से
Krishnakant Kabk
5 likes
शा'इरी का फ़न तुम भी सीख लो ज़रा हम सेे बस गिटार पर ही लड़की फ़िदा नहीं होती
Krishnakant Kabk
14 likes
न रूई हो तो अपने अश्कों से बाती बनाएँगे बुझा दीया हमारा तो हवा से लड़ भी जाएँगे बनाई रोज़ चौदह साल रंगोली बस इस ख़ातिर न जाने रामजी वनवास से कब लौट आएंँगे
Krishnakant Kabk
27 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Krishnakant Kabk.
Similar Moods
More moods that pair well with Krishnakant Kabk's sher.







