चाँद के आगे से बादल हटा दूँ क्यूँँ प्यारे आँखों का देखा मैं सब को जता दूँ क्यूँँ प्यारे वो है दिलकश तो मुझे पर्दा तो करना ही है राज़ की बातें मैं तुझ को बता दूँ क्यूँँ प्यारे
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें ज़मीं का बोझ हल्का क्यूँँ करें हम
Jaun Elia
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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ये मुझ से बिछड़ना तो पहला क़दम था अभी तुम यहाँ और माहिर बनोगे
Amit Rajvanshi 'Guru'
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ये मेरी मुश्किल कोई मुश्किल थोड़ी है गर वो मुश्किल में होता तो मुश्किल होती
Amit Rajvanshi 'Guru'
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वहशियों और दरिंदो के मेले सही हम अकेले हैं तो फिर अकेले सही
Amit Rajvanshi 'Guru'
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वो बिछड़ गया ये दुख नहीं दुख ये है कि देखना पड़ा
Amit Rajvanshi 'Guru'
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वैसे मेरा इरादा था ग़म भूल जाने का तुम रूबरू हुए तो इरादा बदल लिया
Amit Rajvanshi 'Guru'
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