देर से ही आ गया हम को दुनिया का चलन झूठ भी कहते नहीं और सदाकत छोड़ दी
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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मेरी नज़रे उठी उठी, तेरी नज़रें झूकी झुकी तोल रहे हैं प्यार को जैसे दो पैमानों में
Ali Mohammed Shaikh
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इस से पहले के मेरे दिल से उतर जाए तू दूर नज़रों से भला है के गुज़र जाए तू मैं तो दरिया हूँ मेरी तह में तेरा काम है क्या तू हवा है तो तेरी मर्ज़ी जिधर जाए तू
Ali Mohammed Shaikh
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इक तिरा दिल रखने में कितने ख़सारे हो गए जो भी थे बैअत में मेरे सब किनारे हो गए
Ali Mohammed Shaikh
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होता है दर्द क़ल्ब के नज़दीक सुना था तुम से मिले तो पुख़्ता हुआ ठीक सुना था
Ali Mohammed Shaikh
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माथे पे उस के मेरे होंठों का बल वही है तो जान ले ना मेरी जाने ग़ज़ल वही है
Ali Mohammed Shaikh
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