Related Sher

सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ

Jaun Elia

545 likes

तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है

Faiz Ahmad Faiz

401 likes

ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता

Tehzeeb Hafi

211 likes

और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई

Tehzeeb Hafi

207 likes

मैं समझा था तुम हो तो क्या और माँगू मेरी ज़िन्दगी में मेरी आस तुम हो ये दुनिया नहीं है मेरे पास तो क्या मेरा ये भरम था मेरे पास तुम हो

Khalil Ur Rehman Qamar

62 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Shakeel Badayuni.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Shakeel Badayuni's sher.