फ़रिश्ते फ़ुर्सत में बैठ कर लिखते हैं किसी का ख़राब होना हर अंगूर की किस्मत में नहीं होता है शराब होना
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये हमें किस ने वर्चस्व की लड़ाई दी जो है ही नहीं उसे खोते हम हैं है सारी रात का दर्द हम कुत्तों को हो कोई उदास रोते हम हैं
Murli Dhakad
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सुंदर कोयल सुंदर कागा सुंदर मृग के नैन भागे 'रिंद' दौड़ता जाए दिवस दिखे ना रैन
Murli Dhakad
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मेरी उँगलियों में पड़ गई है गिरहें तेरे गेसुओं की आजकल किसी भी बात पर अकड़ जाती है
Murli Dhakad
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ये कैसा तजुर्बा है कि दिल जलाने पे अक्सर अँधेरा छा जाता है रौशनी नहीं होती
Murli Dhakad
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आब-ओ-दाने के ख़ातिर एक चिड़िया ख़ुद पिंजरे में आ बैठती है
Murli Dhakad
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