hum ne to khud se intiqam liya tum ne kya soch kar mohabbat ki
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
More from Saleem Kausar
अगर मैं सूरज के साथ ढलने से बच गया तो कहाँ गुज़ारूँगा शाम सोचा हुआ है मैं ने
Saleem Kausar
0 likes
मिरी रौशनी तिरे ख़द्द-ओ-ख़ाल से मुख़्तलिफ़ तो नहीं मगर तू क़रीब आ तुझे देख लूँ तू वही है या कोई और है
Saleem Kausar
25 likes
तुम्हारी तरह जीने का हुनर आता तो फिर शायद मकान अपना वही रखते पता तब्दील कर लेते
Saleem Kausar
5 likes
तुम्हारे साथ चलने पर जो दिल राज़ी नहीं होता बहुत पहले हम अपना फ़ैसला तब्दील कर लेते
Saleem Kausar
36 likes
कभी इश्क़ करो और फिर देखो इस आग में जलते रहने से कभी दिल पर आँच नहीं आती कभी रंग ख़राब नहीं होता
Saleem Kausar
39 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saleem Kausar.
Similar Moods
More moods that pair well with Saleem Kausar's sher.







