hamein padhao na rishton ki koi aur kitab padhi hai bap ke chehre ki jhurriyan hum ne
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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मैं सारी उम्र अँधेरों में काट सकता हूँ मेरे दियों को मगर रौशनी पराई न दे
Meraj Faizabadi
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जब तुझे रिश्ते निभाने का हुनर आ जाएगा तेरा दुश्मन ख़ुद ही चल कर तेरे घर आ जाएगा
Meraj Faizabadi
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बहुत सताते हैं वो रिश्ते जो टूट जाते हैं ख़ुदा किसी को भी तौफ़ीक़-ए-आशनाई न दे
Meraj Faizabadi
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जाने कब चुभ जाए आँखों में कोई बे-रहम सच आइना भी देखने वालो सँभल कर देखना
Meraj Faizabadi
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सुना है बंद कर लीं उस ने आँखें कई रातों से वो सोया नहीं था
Meraj Faizabadi
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