ho gaya zard padi jis pe hasinon ki nazar ye ajab gul hain ki tasir-e-khizan rakhte hain pale and wan he turned, on whom / beauties cast their glance these flowers are strange, they bear / an autumnal stance
Related Sher
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
More from Imam Bakhsh Nasikh
अब की होली में रहा बे-कार रंग और ही लाया फ़िराक़-ए-यार रंग
Imam Bakhsh Nasikh
20 likes
किस की होली जश्न-ए-नौ-रोज़ी है आज सुर्ख़ मय से साक़िया दस्तार रंग
Imam Bakhsh Nasikh
19 likes
ग़ैर से खेली है होली यार ने डाले मुझ पर दीदा-ए-ख़ूँ-बार रंग
Imam Bakhsh Nasikh
24 likes
वो नहीं भूलता जहाँ जाऊँ हाए मैं क्या करूँँ कहाँ जाऊँ
Imam Bakhsh Nasikh
28 likes
तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत हम जहाँ में तिरी तस्वीर लिए फिरते हैं
Imam Bakhsh Nasikh
37 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Imam Bakhsh Nasikh.
Similar Moods
More moods that pair well with Imam Bakhsh Nasikh's sher.







