हुआ करती थी मेरी ईद जिस के दीद से साहिल उतर आया है देखो चाँद वो ग़ैरों के आँगन में
Related Sher
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
134 likes
मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
125 likes
मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
119 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
More from A R Sahil "Aleeg"
ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
मेरे हाल पर सब उछल कर ये बोले तुम्हें इश्क़ और ये मोहब्बत मुबारक
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
मेरे इश्क़ का क़त्ल कर ख़ुश है 'साहिल' यही थी तेरे दिल की हसरत मुबारक
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
लाख ऊँची बनाइए बिलडिंग शम्स की रौशनी नहीं कटती कह तो दूँ तल्ख़ सी हक़ीक़त है इश्क़ से ज़िंदगी नहीं कटती
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
लाख दो इश्क़-ओ-वफ़ा और क़स में वादों की दुहाई राइगाँ है बे-वफ़ा को करनी हो जब बे-वफ़ाई फिर कहाँ सुनते किसी की
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on A R Sahil "Aleeg".
Similar Moods
More moods that pair well with A R Sahil "Aleeg"'s sher.







