इक हसीं सा गुनाह करते हैं साथ आओ निबाह करते हैं अस्ल में तो है ही नहीं मुमकिन ख़्वाब में ही, विवाह करते हैं
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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रिश्ते को तोड़ नहीं जातें अपनों को छोड़ नहीं जातें मरना जीना तो क़िस्मत है ऐसे मुँह मोड़ नहीं जातें
Sandeep Gandhi Nehal
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ख़्वाहिशें कांच की बनी हैं ना कांच आख़िर में चूर होता है
Sandeep Gandhi Nehal
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ये घर का बोझ कितना है समझ आया उठाने पर
Sandeep Gandhi Nehal
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लडूंगा सभी से तुम्हारे लिए मैं! ज़मानें से, मेरी हिफा़ज़त करोगे?
Sandeep Gandhi Nehal
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शा'इरी में बयाँ करूँगा सब इश्क़ खुल के जता न पाऊँगा
Sandeep Gandhi Nehal
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