इस दुनिया के मरघट पथ तक हाथ पकड़ कर हाथ चलेंगे केवल मॉल नहीं हम दोनों सब्ज़ी मंडी साथ चलेंगे
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ख़ुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख़्शी है कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं
Munawwar Rana
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तेरा बनता था कि तू दुश्मन हो अपने हाथों से खिलाया था तुझे तेरी गाली से मुझे याद आया कितने तानों से बचाया था तुझे
Ali Zaryoun
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मेरी दुनिया में कोई चीज़ ठिकाने पे नहीं बस तुझे देख के लगता है कि सब अच्छा है
Idris Babar
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जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं
Rahat Indori
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मैं भरोसे को बचाने पर तुला हूँ वो बहानों पर उतरता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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मन की मन में ही भुनाने में लगे हो हाथ में जो है निकलता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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अच्छा पाने के चक्कर में अपना सच्चा खो देते हैं
Divya 'Kumar Sahab'
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मिलाऊँगा उन्हें भी आप सब से सोचता हूँ मैं मगर कब? जब तलक वो आप की भाभी नहीं होती
Divya 'Kumar Sahab'
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