इज़्ज़त करूँँगा मैं भी रहूँगा लिहाज़ में तू चीख़ता रहेगा अगर एक साज़ में महफ़िल में अच्छी शा'इरी की क्या बढ़ी डिमांड कव्वे भी ख़ुद को गिनने लगे सरफ़राज़ में
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये आज कल नए लौंडे हमारे शे'रों में कमी टटोलते हैं उस पे काम करते नहीं
Amaan mirza
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न मेरा है न किसी और के बाप का सूरज है इन दिनों तो बुलंदी पे आप का सूरज गुज़र रही है शब ए ग़म इस आस में तन्हा के एक दिन तो उगेगा मिलाप का सूरज
Amaan mirza
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नज़दीक में रखा मुझे तन्हा नहीं किया कइयों ने मुझ को चाहा पर अपना नहीं किया तुम ने भी भेज दी मेरी जानिब मशकक़तें सुलझे हुए को उलझा के अच्छा नहीं किया
Amaan mirza
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नहीं आसान इंसाँ हो के हर इक की ख़बर रखना बहुत सारे तअल्लुक़ टूट जाते हैं तग़ाफुल में
Amaan mirza
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मुझ सेे अब दूर भागती हो तुम दिल किसी और को देकर आ गई क्या दी पलट हड़बड़ा के तुम ने बात कुछ ग़लत बात लब पर आ गई क्या
Amaan mirza
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