jab ishq tha to dil ka ujala tha dahr mein koi charagh nur-badaman nahin hai ab
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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सौ बार जिस को देख के हैरान हो चुके जी चाहता है फिर उसे इक बार देखना
Saba Akbarabadi
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ग़लत-फ़हमियों में जवानी गुज़ारी कभी वो न समझे कभी हम न समझे
Saba Akbarabadi
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इक रोज़ छीन लेगी हमीं से ज़मीं हमें छीनेंगे क्या ज़मीं के ख़ज़ाने ज़मीं से हम
Saba Akbarabadi
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अपने जलने में किसी को नहीं करते हैं शरीक रात हो जाए तो हम शम्अ' बुझा देते हैं
Saba Akbarabadi
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भीड़ तन्हाइयों का मेला है आदमी आदमी अकेला है
Saba Akbarabadi
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