जीभ जैसे है पहुँचती एक हिलते दाँत पर उस तरह ही याद मुझ तक है पहुँच जाती तेरी
Related Sher
इस तरह रोते हैं हम याद तुझे करते हुए जैसे तू होता तो सीने से लगा लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
84 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
129 likes
More from Raja Singh 'Kaabil'
ये कमीने वक़्त पर वापस नहीं देते दोस्तों को तुम कभी पैसे नहीं देना
Raja Singh 'Kaabil'
0 likes
ख़्वाब में भी हाथ जो तू ने लगाया यार उस दिन मैं हक़ीक़त में मरूँगा
Raja Singh 'Kaabil'
0 likes
तुझे पाकर यूँँ लगता है कि जैसे आठ वर्षों बा'द किसी ने खोद कर के क़ब्र से बाहर निकाला है
Raja Singh 'Kaabil'
0 likes
रंग तेरे गाल पर जब से लगाया है ये हमारे हाथ तब से कँपकँपाते हैं
Raja Singh 'Kaabil'
0 likes
याद मुझ को उस ने इतना कर लिया हिचकियों से साँस मेरी रुक गई
Raja Singh 'Kaabil'
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Raja Singh 'Kaabil'.
Similar Moods
More moods that pair well with Raja Singh 'Kaabil''s sher.







