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कभी तो कोसते होंगे सफ़र को कभी जब याद करते होंगे घर को निकल पड़ती हैं औलादें कमाने परिंदे खोल ही लेते हैं पर को

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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

Ahmad Faraz

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

Tehzeeb Hafi

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चेहरा धुँदला सा था और सुनहरे झुमके थे बादल ने कानों में चाँद के टुकड़े पहने थे इक दूजे को खोने से हम इतना डरते थे ग़ुस्सा भी होते तो बातें करते रहते थे

Vikram Gaur Vairagi

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तेरे जाने के बा'द बस यादें हर तरफ़ याद-याद बस यादें सोना, चाँदी, जमीन, घर सब कुछ हैं मेरी जायदाद बस यादें

Sandeep Thakur

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कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी

Javed Akhtar

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