कहूँ किस तरह मैं कि वो बे-वफ़ा है मुझे उस की मजबूरियों का पता है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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इलाही मिरे दोस्त हों ख़ैरियत से ये क्यूँँ घर में पत्थर नहीं आ रहे हैं
Khumar Barabankvi
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फूल कर ले निबाह काँटों से आदमी ही न आदमी से मिले
Khumar Barabankvi
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हटाए थे जो राह से दोस्तों की वो पत्थर मेरे घर में आने लगे हैं
Khumar Barabankvi
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ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही
Khumar Barabankvi
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दूसरों पर अगर तब्सिरा कीजिए सामने आइना रख लिया कीजिए
Khumar Barabankvi
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