कहते भी हैं कि हम सेे मुहब्बत नहीं उन्हें और अब तलक रखी है निशानी सँभाल कर
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
More from Divy Kamaldhwaj
रोते बच्चे पूछ रहे हैं मम्मी से कितना पानी और मिलाया जाएगा
Divy Kamaldhwaj
2 likes
इस रण में जय और पराजय मेरी है तू गाण्डीव उठा, कर हमला आगे बढ़
Divy Kamaldhwaj
3 likes
सँभलने के लिए कर ली मुहब्बत मगर इस में फिसलना चाहिए था
Divy Kamaldhwaj
5 likes
उड़ाने पर जो आ जाऊँ उड़ा दूँ होश दुनिया के मगर मैं फूल से तितली उड़ा सकता नहीं यारों
Divy Kamaldhwaj
24 likes
अँधेरा खो गया है गाँव वालों सवेरा हो गया है गाँव वालों तुम्हें अब जागना ख़ुद ही पड़ेगा ये मुर्गा सो गया है गाँव वालों
Divy Kamaldhwaj
10 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Divy Kamaldhwaj.
Similar Moods
More moods that pair well with Divy Kamaldhwaj's sher.







