कर्बल की ज़मीं है ये शहादत की ज़मीं है मानो या न मानो ये इबादत की ज़मीं है
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कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उन को बताएँगे किसी को क्यूँ बताएँ हम इबादत क्यूँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो
Rahat Indori
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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अब इस घर की आबादी मेहमानों पर है कोई आ जाए तो वक़्त गुज़र जाता है
Zehra Nigaah
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ये इम्तियाज़ ज़रूरी है अब इबादत में वही दुआ जो नज़र कर रही है लब भी करें
Abhishek shukla
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ज़ाहिद तेरे ख़याल में किस ने ख़लल है दी बाक़ी रहा ये दिल में कही बस मलाल है
Kashif Hussain Kashif
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ये जिस्मों को तुम ने लिबासों में रख कर हया की है देखो क़सम झूठी खाई
Kashif Hussain Kashif
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उस ने जिस आजिज़ी में डाल दिया मेरा अपना ही तजरबा था कहीं
Kashif Hussain Kashif
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मैं उस की याद ही के जनाज़े को ढो रहा या'नी कि मेरी रूह को आराम मिल गया
Kashif Hussain Kashif
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तुम्हारे है दामन में बस जी-हुज़ूरी ये सारी रिफ़ाक़त तो हम को मिली है
Kashif Hussain Kashif
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