khak-e-sahra-e-junun narm hai resham ki tarah aabla hai na koi aabla-pa mere baad
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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वाक़िआ' कुछ भी हो सच कहने में रुस्वाई है क्यूँँ न ख़ामोश रहूँ अहल-ए-नज़र कहलाऊँ
Shahzad Ahmad
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तुझ में कस-बल है तो दुनिया को बहा कर ले जा चाय की प्याली में तूफ़ान उठाता क्या है
Shahzad Ahmad
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ये सोच कर कि तेरी जबीं पर न बल पड़े बस दूर ही से देख लिया और चल पड़े दिल में फिर इक कसक सी उठी मुद्दतों के बा'द इक उम्र के रुके हुए आँसू निकल पड़े
Shahzad Ahmad
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मुमकिन हो आप से तो भुला दीजिए मुझे पत्थर पे हूँ लकीर मिटा दीजिए मुझे
Shahzad Ahmad
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अब मिरा दर्द मिरी जान हुआ जाता है ऐ मिरे चारागरो अब मुझे अच्छा न करो
Shahzad Ahmad
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