किस तरह से ये मोहब्बत को बनाया है तमाशा है उतारा इस तरह ख़ंजर कि ज़ाया' है तमाशा
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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ज़ब्त मुझ में रहा नहीं अब वो इस लिए दूर दूर रहता हूँ
gaurav saklani
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शे'र आमद ये हो रहे हैं जो हाथ अंसारी का है इस में सब
gaurav saklani
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राज़ खुलता है घर जलाने को घर कभी आग से नहीं जलता
gaurav saklani
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दिख रहा था जो ख़ून पानी पे जान दे बैठा वो निशानी पे
gaurav saklani
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एक इंसान ही नहीं है बस उम्र बीतेगी ये भुलाने में
gaurav saklani
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