kitni lambi khamoshi se guzra hun un se kitna kuchh kahne ki koshish ki
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मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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ये बहस छोड़ कि कितनी हसीन है दुनिया तू ये बता कि तेरा दिल कहीं लगा कि नहीं
Vijay Sharma
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मयख़ाने की क़द्र है मेरी नज़रों में इसने जाने कितनी मौतें टाली हैं
Harsh saxena
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अपनी मंज़िल पे पहुँचना भी खड़े रहना भी कितना मुश्किल है बड़े हो के बड़े रहना भी
Shakeel Azmi
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उसे बेचैन कर जाऊँगा मैं भी ख़मोशी से गुज़र जाऊँगा मैं भी
Ameer Qazalbash
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हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते
Gulzar
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रुके रुके से क़दम रुक के बार बार चले क़रार दे के तिरे दर से बे-क़रार चले
Gulzar
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बे-सबब मुस्कुरा रहा है चाँद कोई साज़िश छुपा रहा है चाँद
Gulzar
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तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं
Gulzar
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दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है किस की आहट सुनता हूँ वीराने में
Gulzar
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