कुछ नहीं है साथ, तू क्यूँँ साथ है बात ग़म की है, यहाँ क्यूँँ साथ है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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ज़मीं भी सूख जाती है हमारे ही दिलों की यूँँ हमें देखे तरस तो फिर तरस को भी तरस आए
Raunak Karn
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नहीं है जो दिल ने 'रौनक' सब कहा अब तक न जाने कैसे लब पे वो बात आई है
Raunak Karn
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यही तो बात है 'रौनक' यहाँ तो दर्द रहता है यहाँ तो यार तेरा आँख भी अख़गर बदलता है
Raunak Karn
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जो तेरी मर्ज़ी पड़े कर दे अता क्या दुआ तू बद-दुआ देना मुझे शा'इरी अच्छी रहे इस के लिए तू ख़ुदा इक बे-वफ़ा देना मुझे
Raunak Karn
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डर न होता छोड़ देते हाथ से दिल तोड़ देते ज़हर देकर जा रहा था मौत को भी मोड़ देते
Raunak Karn
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