log nazron ko bhi padh lete hain apni aankhon ko jhukae rakhna
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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'अख़्तर' गुज़रते लम्हों की आहट पे यूँँ न चौंक इस मातमी जुलूस में इक ज़िंदगी भी है
Akhtar Hoshiyarpuri
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क्या लोग हैं कि दिल की गिरह खोलते नहीं आँखों से देखते हैं मगर बोलते नहीं
Akhtar Hoshiyarpuri
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क्या लोग हैं कि दिल की गिरह खोलते नहीं आँखों से देखते हैं मगर बोलते नहीं
Akhtar Hoshiyarpuri
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