main us se jhut bhi bolun to mujh se sach bole mere mizaj ke sab mausamon ka sathi ho
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मुंहदिम होता चला जाता है दिल साल-ब-साल ऐसा लगता है गिरह अब के बरस टूटती है
Iftikhar Arif
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घर से निकले हुए बेटों का मुक़द्दर मालूम माँ के क़दमों में भी जन्नत नहीं मिलने वाली
Iftikhar Arif
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खुला फ़रेब-ए-मोहब्बत दिखाई देता है अजब कमाल है उस बे-वफ़ा के लहजे में
Iftikhar Arif
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बेटियाँ बाप की आँखों में छुपे ख़्वाब को पहचानती हैं और कोई दूसरा इस ख़्वाब को पढ़ ले तो बुरा मानती हैं
Iftikhar Arif
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दुआ को हाथ उठाते हुए लरज़ता हूँ कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए
Iftikhar Arif
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