मरा जो इक दफ़ा, इस पर रहा है क्यूँँ तिरा रोना मरा हर बार जीकर जो, दिखा दो तुम यहाँ रो कर
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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं
Rahat Indori
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें ज़मीं का बोझ हल्का क्यूँँ करें हम
Jaun Elia
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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ज़िंदा रहा मैं आज भी यारों ग़ज़ब की बात है मज़लूम है बख़्शा गया क्या ख़ूब-सूरत रात है
Zain Aalamgir
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तोलकर देखा तराज़ू में सभी कुछ डालकर जो सब मुक़ाबिल एक आँसू के मुझे हल्का दिखा है
Zain Aalamgir
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मोहब्बत को किया हूँ क़ैद, चौकीदार मैं उस का उलट था पर, मोहब्बत मुझ क़फस बाहर पे रख नज़रें
Zain Aalamgir
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ये क्या कि बाहें है खुली तेरी मगर हूँ मौत का भी यार होने जा रहा
Zain Aalamgir
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तुम दर-दरीचे बंद करते, के न आ कोई सके लेकिन बना चाबी रखी है मौत आने वास्ते
Zain Aalamgir
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