मसअला फिर वही बे-घर हुए लोगों का है हम सभी दिल से निकाले कहाँ तक जाएँगे
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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ठीक है मैं फेर लेता हूँ नज़र को तुम भी झुमके से कहो गर्दन न चू में नीरज नीर
Neeraj Neer
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वहम होता है कि छूने से सँवर जाएँगी सोचता हूँ जो मुक़द्दर मिरा ज़ुल्फ़ें तेरी
Neeraj Neer
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न पूछो मुझ सेे कैसी लगती हूँ मैं 'नीर' साड़ी में किसे अच्छे नहीं लगते मिरी जाँ गाने नुसरत के
Neeraj Neer
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ठीक है मैं फेर लेता हूँ नज़र को तुम भी झुमके से कहो गर्दन न चू में
Neeraj Neer
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याद आई तिरे पैरों की खनकती पायल आम सा प्रश्न था संगीत किसे कहते हैं
Neeraj Neer
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